| नाम |
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बाबू सिंह चौहान |
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| पिता का नाम |
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स्व. बसतं सिंह |
| वर्तमान पता |
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स्वप्न लोक, नई बस्ती बिजनौर । |
| पैतृक निवास |
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ग्राम महाक्तपुर, पो ,जठपुरा ,थाना-अफजलंगढ़, जिला बिजनौर |
| जन्म तिथि |
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फागुन पूर्णिमा, सन्1930 |
| पारिवारिक पृष्ठ भूमि |
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कृषक परिवार । |
| पिता |
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स्व,बसतं सिंह , प्राथमिक विद्यालय के मुख्य अध्यापक। |
| शिक्षा |
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आर्चाय (स्नात्तकोर के समकक्ष )। |
| स्वतंत्रता संग्राम में योगदान |
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सन 1943 में भारत छोड़ो आंदोलन क दौरान धामपुर में गिरतार। |
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जिला विद्यार्थीकांग्रेस क महासचिव । |
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आर.एस़.एम.इंटर कॉलेज ,धामपूर से स्वतंत्रता में भाग लेने क आरोप निष्कासन| |
| राजनीतिक पृष्ठभूमि |
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स्वतंत्रता से पूर्व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस क समर्पित कार्यकर्ता । |
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स्वतंत्रता क पश्चात 1948 में स्व, जयप्रकाश नारायण ,डा.राममनोहर लोहिया और आचार्य नरेन्द्र देव क ेसाथ कांग्रेस छोड कर सोशलिस्ट पार्टी में प्रवेश । |
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1942 तक सोशलिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य । |
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जयप्रकाश नारायण और डा. राममनोहर लोहिया द्वारा श्रीचौहान के पैतृक
गांव में आकर मिट्टी का नमन करके उनके कार्यों की सराहना । |
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श्री चौहान द्वारा सम्पादित पत्र ‘चिंगारी’ साप्ताहिक ke संपादकीय मंडल में
स्व,श्री जयप्रकाश नारायण एक संपादकीय सहयोगीके रूप में रहें। |
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सन् 1953 में सोशलिस्ट पार्टी छोड कर कम्युनिस्ट पार्टी में प्रवेश। |
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स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जनान्दोलनों तथा मजदूर आन्दोलनों में अनेक जेल यात्राएं। |
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सन 1966 में सभी राजनीतिक दलों से संबंध विच्छेद और पूर्णकालिक पत्रकार। |
| श्रमिक आंदोलन |
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बिजनौर जनपद के इतिहास में पहले श्रमिक आंदोलन का 1948 में सूत्रपात। |
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1949 में चीनी मिल मजदूरों का नेतृत्य एवं जेल यात्रा तथा आमरण अनशन। |
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उत्तर प्रदेश,बिहार चीनी मिल मजदूर यूनियन के तीन वर्ष तक सचिव । |
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मजदूरों और किसानों के लिए निरतंर लेखनी के माध्यम से संघर्षशील । |
| पत्रकारिता |
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26 जनवरी, 1950 को ‘चिंगारी’ हिन्दी साप्ताहिक का संपादन एवं प्रकाशन करके पत्रकारिता जगत में प्रवेश। |
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‘मांझी’,‘अनुशीलन’,‘अणुव्रत ’(कलकत्ता),‘नवरंग आदि पत्रों एवं पत्रिकाओं का संपादन। |
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‘जनजीवन’ हिन्दीदैनिक भटिंडा(पंजाब)का संपादन । |
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बिजनौर तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रथम दैनिक समाचार पत्र ‘बिजनौर टाइम्म’ का 14 नवम्बर, 1963 से प्रकाशन एवं संपादन । |
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बिजनौर जनपद के प्रथम साध्ंय दैनिक ‘चिंगारी’ का 25 अक्टूबर ,85 से प्रकाशन । |
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रथम उर्दू दैनिक ‘रोजाना खबर जदीद’का 22अगस्त 91 से प्रकाशनं। |
| लेखन |
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‘प्रकृति पुत्र ’(जैन मुनि के जीवन पर प्रकाश ),‘निराले संत’,‘धर्म दर्शन’,‘जैन धर्म के चार सिद्धांत ’ आदि लिखित एवं प्रकाशित जैन धर्म साहित्य। |
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‘मैलीचुनरी,उजला मन’,‘हवा के पंख’, ‘पनघट की नीलामी’ उपन्यास। |
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श्रमवीरों के देश में’ (यात्रा संस्मरण)के लेखन पर 1975 में सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार मिला। |
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दर्पण झूठ बोलता हैं’(ललित निबंध संग्रह)जिसके संबंध में ब्लिट्ज तथा अन्य समाचार पत्रो एवं समालोचकों ने लेखक को दूसरे हजारी प्रसाद द्विवेदी की, संज्ञा दी है, का प्रकाशन । |
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‘उफनती दुनिया के सामने’, 'पीठ पर नीलगगन’ , ‘मकडजाल में आदमी’ ललित निबंधों के सग्रंह । |
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निधन तक दस हजार से अधिक अग्रलेख भिन्न विषयों पर लिखे। |
| शीघ्र प्रकाशन |
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सांच को आन्च ’,‘पत्थर के कान ’और मोम की बैसाखियां’ पुस्तकें , बोधकथाओं पर आधरित वैचारिक पंच सौ से अधिक लेख। |
| विश्व शांति |
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विश्व शांति एवं अंतर्राष्ट्रीय सद्भाव के लिए रूस, चैकोस्लोवा किया , बुल्गारिया तथा कोपिनहेगिन में आयोजित अंतराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में शामिल । |
| विदेश यात्राएं |
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विदेश यात्राएं- शांति एवं सद्भाव के प्रतिनिधि के रूप में सोवियत संघ एव बुल्गारिया की यात्राएं । सोवोयत संघा की चार बार चैकोस्लाविया की एक बार, बुल्गारिया की एक बार , बेल्जियम की एक बार तथा अन्य देशों की यात्राएं।1 998 में चीन की यात्रा। |
| पत्रकार सगंठन |
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पूर्व उपाध्यक्ष उ.प्र. श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (पंजीकृत)। |
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पूर्व उपाध्यक्ष आल इंडिया स्माल एवं मीडिया न्यूज पेपर्स फैडरेशन । |
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पूर्व सदस्य विज्ञापन मान्यता समिति, उ. प्र. लखनऊ। |
| प्रतिबद्धता |
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धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, समाजवाद, विश्व शांति, बंधुत्व और सांप्रदायिक सद्भाव एवं एकता। |
| निधन |
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6 अप्रैल , 1999 |
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